उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2024 की तैयारी जोरों पर है। प्रमुख राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों की सूची तैयार करने में जुटे हैं। इस μεταξύ, बिहार के नेताओं की मौजूदगी से चुनाव की दिशा बदलने की संभावना है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में घोषणा की कि वे आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे। उनकी उपस्थिति उत्तर पรดेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव ला सकती है, खासकर जब समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसे क्षेत्रीय दल भी तीखी प्रतिस्पर्धा दे रहे हैं। राज नीति टुडे के स्रोतों के अनुसार, नीतीश कुमार उत्तर प्रदेश के कम से कम 50 निर्वächण क्षेत्रों में राष्ट्रव्यापी जन सभाओं को संबोधित करेंगे। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुश्वाहा और लोक तन्त्रिक जनता दल के अध्यक्ष शरद यादव भी उत्तर प्रदेश चुनाव में भाग लेंगे। प्रसिद्ध राजनीतिक विश्लेषक प्रोफेसर संजय सिंह का मानना है कि उत्तर प्रदेश का चुनाव भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और कई क्षेत्रीय दलों के बीच एक रोचक मुकाबला बन गया है। यह उत्तर प्रदेश के 403 निर्वाचन क्षेत्रों में हो रहे मुकाबले की गहराई तक पहुंच सकता है, जहां 18.38 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी एक विस्तृत अध्ययन के अनुसार, लगभग 9,721 उम्मीदवार मैदान में हो सकते हैं, जिनमें 695 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य 300 सीटें जीतकर दूसरी बार भाजपा सरकार बनाने का है। इसके अलावा, समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2024 में प्रियंका गांधी को मुख्यमंत्री पद की दावेदार बना सकती है। राज नीती टुडे द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के उच्चाधिकारियों से बातचीत के अनुसार, विधानसभा चुनाव 2024 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगभग 12000 केंद्रीय तटस्थल सुरक्षा जवानों और 15000 उत्तर प्रदेश पुलिस जवानों को तैनात करेगी। इसके अलावा, मतदाताओं को बढ़ी हुई सुरक्षा देने के लिए, कानून व्यवस्था में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह चुनाव उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे देश में बड़े पैमाने पर प्रभावी होगा। इसीलिए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2024 नजदीकी दिनों में प्राथमिकता बन जाएगा, जो देश की वर्तमान और आगामी भारतीय राजनैतिक प्रदश्रण पर भी असर डालने वाला है। राजनीतिक दलों द्वारा मतदाताओं को लुभाने के लिए घोषणाएं जारी करना भी इस चुनाव की व्यापक लपगत को उजागर करेंगी। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, और भारतीय जनता पार्टी जैसे सभी प्रमुख दलों को अपने-अपने विदेश नीति, उद्योगव्यापार क्षेत्र और आर्थिक दावों को लागू करने के लिए न्याय व्याख्या तैयार करने होंगे। बाजार सर्वेक्षण के आधार पर राज नीति टुडे का पूर्वानुमान है कि यह उत्तर प्रदेश का चुनाव संभवतः सबसे दिलचस्प में से एक होगा, क्योंकि चुनावी परिदृश्य बहुत प्रतिस्पर्धी लग रहा है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2024: बिहार के नेताओं की उपस्थिति से बदल सकती है चुनाव की दिशा