भारत में राजनीतिक अभियानों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है, जो एक सकारात्मक परिवर्तन है। पिछले quelques वर्षों में, कई महिलाएं राजनीतिक दलों में शामिल हुई हैं और नेतृत्व की भूमिकाओं में सफल रही हैं। उदाहरण के लिए, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में प्रियंका गांधी की भूमिका और भारतीय जनता पार्टी में स्मृति जुबिन ईरानी की उपस्थिति ने महिलाओं को राजनीति में आकर्षित किया है। इसके अलावा, कई महिलाएं स्वतंत्र रूप से राजनीतिक अभियान चला रही हैं और अपने क्षेत्रों में मतदाताओं को आकर्षित कर रही हैं। हालांकि, महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जैसे कि लिंग भेदभाव और परिवार की जिम्मेदारियों का संतुलन। फिर भी, कई महिलाएं इन चुनौतियों का सामना कर रही हैं और राजनीतिक अभियानों में सफल हो रही हैं। एक अध्ययन के अनुसार, 2019 में लोकसभा चुनावों में 7.3% महिला उम्मीदवार थीं, जो 2014 में 6.4% से अधिक है। यह दर्शाता है कि महिलाएं राजनीतिक अभियानों में भाग लेने के लिए अधिक आगे आ रही हैं। इसके अलावा, कई राजनीतिक दल महिलाओं को आकर्षित करने के लिए विशेष अभियान चला रहे हैं और उनके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। यह महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ने में मदद कर सकता है। निष्कर्ष में, राजनीतिक अभियानों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है, जो एक सकारात्मक परिवर्तन है। महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन कई महिलाएं इन चुनौतियों का सामना कर रही हैं और सफल हो रही हैं।
राजनीतिक अभियानों में महिलाओं की भागीदारी