उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), और समाजवादी पार्टी (सपा) जैसे प्रमुख दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा करनी शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले इन चुनावों में कुल 1500 से अधिक उम्मीदवार मैदान में होंगे। भाजपा ने अपने 200 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, जबकि बसपा ने 150 और सपा ने 120 उम्मीदवारों की घोषणा की है। कांग्रेस पार्टी ने भी अपने 100 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भाजपा पूरे प्रदेश में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगी। उन्होंने दावा किया है कि भाजपा 300 से अधिक सीटें जीतेगी। बसपा प्रमुख मायावती ने कहा है कि उनकी पार्टी सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि उनकी पार्टी भाजपा को हराने के लिए अन्य विपक्षी दलों से गठबंधन करेगी। उत्तर प्रदेश के चुनावों में इस बार महिला उम्मीदवारों की संख्या में वृद्धि हुई है। कुल 150 महिला उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से 50 भाजपा, 30 बसपा, और 20 सपा की ओर से चुनाव लड़ रही हैं। उत्तर प्रदेश के चुनाव आयोग ने कहा है कि सभी उम्मीदवारों को निर्धारित फॉर्मेट में अपने खर्चों का ब्योरा देना होगा। चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि सभी राजनीतिक दलों को अपने चुनाव प्रचार के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। उत्तर प्रदेश के चुनावों में इस बार तकनीक का भी बड़ा योगदान होगा। सभी राजनीतिक दलों ने अपने चुनाव प्रचार के लिए सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश के चुनावों के परिणाम 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक समर की तैयारी