उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की तारीखें नजदीक आ रही हैं और राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) जैसे प्रमुख दलों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा शुरू कर दी है। इस बार के चुनाव में कुल 403 सीटें हैं, जिनमें से 202 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में किसानों और युवाओं के लिए विशेष योजनाएं शामिल की हैं, जबकि सपा ने गरीबों और वंचित वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं घोषणा की हैं। बसपा ने अपने घोषणा पत्र में दलित और पिछड़े वर्गों के उत्थान पर जोर दिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनकी सरकार ने पिछले पांच वर्षों में राज्य में महत्वपूर्ण विकास कार्य किए हैं और वे फिर से सरकार बनाने के लिए तैयार हैं। सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि उनकी पार्टी बीजेपी को हराने के लिए तैयार है और वे राज्य में परिवर्तन लाने के लिए तैयार हैं। बसपा की अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि उनकी पार्टी गरीबों और वंचित वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं लागू करने के लिए तैयार है। उत्तर प्रदेश के चुनावों में कुल 15.63 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से 8.35 करोड़ पुरुष और 7.28 करोड़ महिलाएं हैं। राज्य में 14 फरवरी से 27 marzo तक सात चरणों में मतदान होगा। चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग करें और निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से मतदान करें। उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे।
Related Posts
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक परिदृश्य: एक विस्तृत विश्लेषण
- abhishek
- December 23, 2025
- 0
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक परिदृश्य में कई बदलाव देखने को मिले हैं। पिछले कुछ वर्षों में, राज्य में विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी उपस्थिति दर्ज […]
बिहार में नए राजनीतिक समीकरणों का उदय
- abhishek
- December 25, 2025
- 0
बिहार में राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, जिसमें नए समीकरण और गठबंधन बन रहे हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय […]
उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत के पीछे के कारण
- abhishek
- December 19, 2025
- 0
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत के पीछे कई कारण हैं। एक मुख्य कारण यह है कि पार्टी ने राज्य में विकास […]