उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) दोनों ही पक्षों में जीत की उम्मीदें हैं। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 11 सीटें खाली हो रही हैं, जिनमें से 8 सीटें भाजपा और 2 सीटें सपा के पास हैं। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार काबिज है। भाजपा ने अपने 8 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है, जिनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और आर्किटेक्ट हृदयनाथ सिंह शामिल हैं। सपा ने भी अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है, जिनमें पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और पूर्व मंत्री धर्मेंद्र यादव शामिल हैं। कांग्रेस पार्टी ने भी अपने एक प्रत्याशी की घोषणा की है, जो पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेमशंकर भूषण हैं। राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 10 नवंबर को होगा, और परिणाम 12 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा ने अपने विधायकों को पार्टी के प्रत्याशियों के लिए मतदान करने के निर्देश दिए हैं। सपा ने भी अपने विधायकों को पार्टी के प्रत्याशियों के लिए मतदान करने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस पार्टी ने भी अपने विधायकों को पार्टी के प्रत्याशी के लिए मतदान करने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशियों के लिए प्रचार तेज कर दिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी के प्रत्याशियों के लिए प्रचार करना शुरू कर दिया है। सपा के वरिष्ठ नेता अखिलेश यादव ने भी उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी के प्रत्याशियों के लिए प्रचार करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी के प्रत्याशी के लिए प्रचार करना शुरू कर दिया है। राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 10 नवंबर को होगा, और परिणाम 12 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
राज्यसभा चुनाव: उत्तर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी तेज