भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ी है। यह एक सकारात्मक बदलाव है जो देश की राजनीतिक प्रणाली में विविधता और समानता को बढ़ावा देता है। इस संदर्भ में, हमें उन महिलाओं की कहानियों पर ध्यान देना चाहिए जो राजनीति में काम कर रही हैं और समाज में परिवर्तन ला रही हैं। पिछले लोकसभा चुनावों में, 78 महिला सांसद चुनी गईं, जो कुल सांसदों का 14% है। यह संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ करने की जरूरत है। राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के पीछे कई कारण हैं। एक कारण यह है कि महिलाएं अब अपने अधिकारों के लिए खड़ी हो रही हैं और समाज में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। दूसरा, महिलाएं अब शिक्षित और जागरूक हो रही हैं, जिससे उन्हें राजनीति में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। फिर भी, राजनीति में महिलाओं को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्हें अक्सर लिंग भेदभाव और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, उन्हें राजनीतिक दलों से समर्थन प्राप्त करने में भी कठिनाई होती है। इन चुनौतियों के बावजूद, महिलाएं राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं और समाज में परिवर्तन ला रही हैं। उन्हें हमारा समर्थन और प्रोत्साहन देने की जरूरत है। हमें राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए काम करना चाहिए और उन्हें समान अवसर प्रदान करना चाहिए। इस प्रकार, हम देश की राजनीतिक प्रणाली को अधिक विविध और समावेशी बना सकते हैं।
राजनीतिक गतिविधियों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी