उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच किशोर उम्मीदवारों की लड़ाई तेज हो गई है। दोनों दलों ने युवा नेताओं को आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन क्या यह रणनीति सफल होगी?इस चुनाव में भाजपा ने 35 वर्ष से कम आयु के 30 उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जबकि सपा ने 25 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। भाजपा के युवा नेता और प्रदेश उपाध्यक्ष, सूर्य प्रताप शाही, का कहना है कि पार्टी ने युवा नेताओं को आगे बढ़ाने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई है। ‘हमारी पार्टी ने युवा नेताओं को आगे बढ़ाने के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें उन्हें राजनीतिक मुद्दों और चुनावी रणनीति के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है’, उन्होंने कहा।दूसरी ओर, सपा के युवा नेता और प्रदेश महासचिव, अभिषेक मिश्रा, का कहना है कि पार्टी ने युवा नेताओं को आगे बढ़ाने के लिए एक अलग रणनीति अपनाई है। ‘हमारी पार्टी ने युवा नेताओं को आगे बढ़ाने के लिए एक विशेष焦点 केंद्रित किया है, जिसमें हम उन्हें स्थानीय मुद्दों और चुनावी रणनीति के बारे में प्रशिक्षित कर रहे हैं’, उन्होंने कहा।उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में युवा नेताओं की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होगी, यह देखना intéressant होगा। क्या भाजपा और सपा की रणनीति सफल होगी या फिर अन्य दलों के युवा नेता आगे बढ़ेंगे?यह चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 147 सीटें अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षित हैं। भाजपा ने 85 और सपा ने 55 सीटें जीती थीं। लेकिन इस बार के चुनाव में कई नई जातिगत गणितें देखने को मिलेंगी।भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति में एक नया मोड़ लाया है। पार्टी ने अपने उम्मीदवारों को ‘सामाजिक न्याय’ के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि वे समाज के सभी वर्गों के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे।दूसरी ओर, सपा ने अपनी चुनावी रणनीति में ‘सामाजिक समानता’ के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि वे समाज में सामाजिक असमानता को दूर करने के लिए काम करेंगे।यह चुनाव उत्तर प्रदेश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार के लिए एक नई दिशा की आवश्यकता है। क्या भाजपा और सपा की रणनीति सफल होगी या फिर अन्य दलों के नेता आगे बढ़ेंगे?इस चुनाव में भाजपा और सपा के अलावा कई अन्य दल भी अपने उम्मीदवारों को उतार रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा), काँग्रेस, और आम आदमी पार्टी (आप) जैसे दल भी अपने उम्मीदवारों को उतार रहे हैं।यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी पार्टी सबसे ज्यादा सीटें जीतेगी और कौन सी पार्टी उत्तर प्रदेश की सरकार बनाएगी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में युवा नेताओं की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होगी, यह देखना intéressant होगा।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: भाजपा और सपा के बीच किशोर की लड़ाई