भारतीय राजनीति में विपक्ष की एकजुटता एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। राज्यसभा में विपक्षी दलों ने एक साथ मिलकर सरकार की नीतियों का विरोध किया है। इस एकजुटता के पीछे कई कारण हैं, जिनमें से एक प्रमुख कारण है सरकार की अलोकतांत्रिक नीतियों का विरोध करना। विपक्षी दलों का मानना है कि सरकार की नीतियों से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को खतरा है। राज्यसभा में विपक्ष की एकजुटता के परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करने में सरकार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इन विधेयकों में से एक है नागरिकता संशोधन विधेयक, जिसे विपक्षी दलों ने強ी तरह से विरोध किया था। राज्यसभा में विपक्षी दलों की एकजुटता ने सरकार को यह महसूस कराया है कि राजनीति में एकजुटता और सामंजस्य कितना महत्वपूर्ण है। इस एकजुटता से विपक्षी दलों को सरकार की नीतियों का विरोध करने का मौका मिला है और देश की जनता की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने का अवसर मिला है। राज्यसभा में विपक्ष की एकजुटता का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती मिली है। विपक्षी दलों की एकजुटता से सरकार को यह महसूस हुआ है कि वे अपनी नीतियों को आसानी से नहीं लागू कर सकते हैं। इस एकजुटता से देश की जनता को यह भरोसा मिला है कि विपक्षी दल उनकी आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हमेशा तैयार हैं। राज्यसभा में विपक्ष की एकजुटता एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन यह एक लंबी लड़ाई है। विपक्षी दलों को अपनी एकजुटता को बनाए रखना होगा और सरकार की नीतियों का विरोध करना होगा। यदि विपक्षी दल अपनी एकजुटता को बनाए रखने में सफल होते हैं, तो यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अच्छा होगा।
राज्यसभा में विपक्ष की एकजुटता