मध्य प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच बढ़ती हुई प्रतिस्पर्धा का माहौल है। भाजपा और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला है, लेकिन अन्य दलों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। भाजपा ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को उजागर किया है, जबकि कांग्रेस ने भाजपा सरकार की नाकामियों को उठाया है। इस चुनाव में कुल 230 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से 116 सीटें जीतने वाला दल सरकार बनाएगा। मध्य प्रदेश की जनसंख्या लगभग 8.5 करोड़ है, जिसमें से 5.5 करोड़ मतदाता हैं। इस चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। भाजपा ने अपने चुनाव अभियान में विकास और सुरक्षा को मुख्य मुद्दा बनाया है, जबकि कांग्रेस ने रोजगार और शिक्षा को अपना मुख्य मुद्दा बनाया है। अन्य दलों ने भी अपने-अपने मुद्दों को उठाया है। मध्य प्रदेश के इस चुनाव में约 2.5 लाख मतदान केंद्र होंगे, जहां लगभग 20,000 से अधिक ईवीएम मशीनें मतदान के लिए तैयार की गई हैं। इस चुनाव में कुल 2,583 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से 250 महिला उम्मीदवार हैं। मध्य प्रदेश के इस चुनाव को राष्ट्रीय स्तर पर भी देखा जा रहा है, क्योंकि यह चुनाव 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। मध्य प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच बढ़ती हुई प्रतिस्पर्धा के बीच, यह देखना दिलचस्प होगा कि अगली सरकार कौन सी पार्टी बनाएगी। मध्य प्रदेश के वोटरों की पसंद क्या होगी, यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा।
मध्य प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच बढ़ती हुई प्रतिस्पर्धा