उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक दलों ने सोशल मीडिया पर अपनी रणनीति तेज कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), समाजवादी पार्टी (सपा), और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) जैसे प्रमुख दलों ने सोशल मीडिया पर अपने अभियान शुरू कर दिए हैं। इन दलों के नेताओं ने फेसबुक, ट्विटर, और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर अपने oficial अकाउंट बनाए हैं और वे नियमित रूप से अपडेट्स पोस्ट कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ट्विटर अकाउंट पर 10 लाख से अधिक फ़ॉलोअर्स हासिल कर लिए हैं, जबकि सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव के 5 लाख से अधिक फ़ॉलोअर्स हैं। बसपा की मायावती ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर 2 लाख से अधिक फ़ॉलोअर्स हासिल किए हैं। राजनीतिक दलों की सोशल मीडिया रणनीति के पीछे मकसद युवा मतदाताओं को आकर्षित करना और अपने समर्थकों को जोड़े रखना है। एक अनुमान के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 30% से अधिक मतदाता सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं। इसलिए, राजनीतिक दलों ने सोशल मीडिया पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर गलत सूचना और भ्रामक अभियानों के प्रसार को रोकने के लिए भी उपाय किए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्मों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी और ऐसे अभियानों को रोकने के लिए मजबूत कदम उठाने होंगे। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों में सोशल मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और यह देखना दिलचस्प होगा कि राजनीतिक दल अपनी सोशल मीडिया रणनीति को कैसे आगे बढ़ाते हैं। उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को यह समझना होगा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही जानकारी की जांच की जानी चाहिए और उसके आधार पर ही निर्णय लेना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों की सोशल मीडिया रणनीति